
PmBharatNews;जों है सच
पटना: बिहार की राजनीति में इस समय हलचल तेज है | मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार को राज्यसभा के लिए नामांकन भरेंगे | अगर वे राज्यसभा चले जाते हैं, तो बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव हो सकता है | ऐसी स्थिति में NDA को नया मुख्यमंत्री चुनना पड़ेगा | पिछले साल नवंबर में को नीतीश कुमार के नेतृत्व में जोरदार जीत मिली थी | अब सवाल ये है कि अगर वे राज्यसभा जाते हैं, तो बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? फिलहाल तीन नामों की चर्चा हो रही है | आइए जानते हैं कि सीएम की रेस में कौन-कौन शामिल हैं और किसके पास कितनी संभावना है |
सीएम पद के दावेदार- सम्राट चौधरी….

अगर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद छोड़ते हैं तो सम्राट चौधरी की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है | बीजेपी के 89 विधायक हैं, जो NDA में सबसे बड़ा दल है | सम्राट चौधरी के पास वित्त, स्वास्थ्य, शहरी विकास और गृह जैसे अहम विभाग हैं | वे बीजेपी विधायक दल के नेता भी हैं और संगठन में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है |
जनवरी 2024 में नीतीश कुमार की सरकार में वे डिप्टी सीएम बने थे और 2025 के चुनाव के बाद फिर से इस पद पर बने रहे | गृह विभाग मिलना बीजेपी के लिए बड़ी बात मानी गई |
सम्राट चौधरी राजनीतिक परिवार से आते हैं | उनके पिता शकुनी चौधरी सात बार विधायक और सांसद रहे | उन्होंने 1999 में आरजेडी से राजनीति शुरू की और राबड़ी देवी सरकार में कृषि मंत्री बने, बाद में वे जेडीयू और फिर बीजेपी में शामिल हुए, 2023 में वे बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बने और नेता प्रतिपक्ष भी रह चुके हैं |
सीएम पद के दावेदार- विजय सिन्हा……
सीएम बनने की रेस में विजय सिन्हा भी पीछे नहीं हैं | बीजेपी विधायक दल के नेता होने के कारण सम्राट चौधरी उनसे आगे माने जाते हैं | हालांकि, सिन्हा अपनी आक्रामक शैली के लिए जाने जाते हैं, वो तेजस्वी यादव के खिलाफ खुलकर बोलते रहे हैं, उनका काम करने का तरीका सख्त और सीधे एक्शन लेने वाला माना जाता है | वे भ्रष्टाचार के मामलों में मौके पर ही अधिकारियों को सस्पेंड करने और माफिया पर कार्रवाई की बात करते हैं |
विजय कुमार सिन्हा 2005 से लखीसराय से विधायक हैं, वे सिविल इंजीनियर रहे हैं और आरएसएस-एबीवीपी पृष्ठभूमि से आते हैं. छात्र राजनीति से आगे बढ़ते हुए वे 2020 से 2022 तक विधानसभा अध्यक्ष और फिर नेता प्रतिपक्ष रहे |
सीएम पद के दावेदार- निशांत कुमार
निशांत की मुख्यमंत्री बनने की संभावना फिलहाल कमजोर मानी जा रही है | हालांकि को डिप्टी सीएम की रेस में जरूर आगे चल रहे हैं | उन्हें राजनीति में नया चेहरा माना जाता है और उनका कोई चुनावी आधार नहीं है, माना जाता है कि बीजेपी ऐसे समय में अपने नेता सम्राट चौधरी को आगे बढ़ाना चाहेगी, चुनाव से पहले निशांत कुमार ने सार्वजनिक रूप से अपने पिता नीतीश कुमार का समर्थन किया था और उन्हें NDA का सीएम चेहरा बताया था, उन्होंने स्वास्थ्य से जुड़ी अफवाहों का भी खंडन किया, लेकिन खुद सक्रिय राजनीति से दूर रहे |

हाल के दिनों में जेडीयू के पोस्टर, 1 अणे मार्ग पर होली कार्यक्रम और कुछ नेताओं के समर्थन से उनके सक्रिय राजनीति में आने के संकेत मिले हैं |
वे फिलहाल सार्वजनिक कार्यक्रमों, पार्टी दफ्तर और पारिवारिक आयोजनों में नजर आते हैं, लेकिन अभी तक मैदान में आक्रामक राजनीतिक भूमिका में नहीं दिखे हैं |
