आसनसोल मे एक बेटी से दुष्कर्म व हत्या के घटना में दोषी पिता को पोस्को धारा मे फांसी की सजा
पीएम भारत न्यूज़, आसनसोल
आसनसोल की विशेष पॉक्सो अदालत की जज सुपर्णा बंद्योपाध्याय ने बुधवार को किशोरी से दुष्कर्म व हत्या के मामले में अहम फैसला सुनाई | दरअसल अपनी ही बेटी से दुष्कर्म कर फिर हत्या करने के मामले में आरोपी पिता को दोषी करार देते हुवे सजा ए मृत्युदंड सुनाई गई | घटना के सरकारी वकील सोमनाथ चट्टोराज का कहना है कि ऐसा पहली बार है जब किसी दोषी को यहां किसी भी मामले में अधिकतम सजा के रूप में मृत्युदंड दिया गया, वो भी सिर्फ 15 महीने के अंदर |

बताया गया कि दोषी साबित हुआ अभियुक्त आसनसोल के हीरापुर थाना क्षेत्र के नरसिंहबांध कचुबगान इलाके का निवासी है |वकील सोमनाथ चट्टोराज ने बताया कि मृत बेटी की मांता के शिकायत पर 14 मई 2024 को हीरापुर थाने में केस दर्ज कर जांच शुरूआत की गयी थी | इस क्रम में आरोपी पिता को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ पॉक्सो कानून की धारा छह “दुष्कर्म”, तत्कालीन भारतीय दंड संहिता की धारा 302 “हत्या”, धारा 201 “साक्ष्य नष्ट करना” के तहत मामला दर्ज किया गया था | आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट “एडीपीसी” के हीरापुर थाने के सब-इंस्पेक्टर SI शुभाशीष बंद्योपाध्याय जांच अधिकारी थे | सरकारी वकील ने बताया कि बीते सोमवार को विशेष पॉक्सो कोर्ट की जज सुपर्णा बंद्योपाध्याय ने मामले में उपलब्ध साक्ष्यों व दी गयी गवाही के आधार पर आरोपी पिता को दोषी करार दि है | बुधवार को जज ने दोषी को पॉक्सो कानून की धारा छह और आइपीसी की धारा 302 के तहत फांसी की सजा सुनायी | उन्होंने धारा 201 के तहत सात साल के कठोर कारावास का आदेश दिया | साथ ही दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया, जिसे अदा नहीं करने पर दोषी को एक साल और जेल में बितानी होगी | जज ने राज्य सरकार को पीड़ित मुआवजा कोष से मृतका की मां को पांच लाख रुपये का मुआवजा भी देने का आदेश दिया है | मामले में कुल 16 गवाहों ने गवाही दी | इनमें मृतका की मां, कई रिश्तेदार, अस्पताल के डॉक्टर, फोरेंसिक विशेषज्ञ शामिल थे | विशेष पॉक्सो कोर्ट में केस पर सुनवाई के समय जज के सामने आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया |
