मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुरू कि भाषा आंदोलन, बोलीं- अस्मिता, मातृ भाषा और मातृ भूमि को नहीं भूल सकते
पीएम भारत न्यूज़ :
पश्चिम बंगाल : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार से आरम्भ कि भाषा आंदोलन | उन्होंने राज्य के बोलपुर से इस आंदोलन की शुरुआत की और बोली कि “हम अपनी मातृभाषा को कभी नहीं भूल सकते” | मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अन्य राज्यों में बंगाली प्रवासियों पर कथित हमलों के खिलाफ बोलपुर में विरोध मार्च शुरू कि | उन्होंने कहा कि हम भाषा के आधार पर विरोध नहीं चाहते, लेकिन बांग्ला के नाम पर उत्पीड़न नहीं किया जा सकता |उन्होंने कहा कि आप सब कुछ भूल सकते हैं, लेकिन आपको अपनी “अस्मिता, मातृभाषा, मातृभूमि” नहीं भूलनी चाहियें |
राज्य में अगले साल ही राज्य विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, और उससे पहले बांग्ला भाषा को लेकर विवाद बढ़ रहा है | खासतौर पर एनसीआर के गुरुग्राम शहर में अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ चल रहे कार्यवाही को लेकर विवाद तेज हो गया है | तृणमूल कांग्रेस का दावा है कि बंगाली भाषियों को विशेष रूप से भाजपा शासित राज्यों में बांग्लादेशी करार दिया जा रहा है और उन्हें जबरन सीमा पार बांग्लादेश में वापस धकेला जा रहा है | बनर्जी ने 21 जुलाई को शहीद दिवस रैली के दौरान 28 जुलाई को प्रदेश व्यापी “भाषा आंदोलन” शुरू कियें जाने की घोषणा की थी |
उन्होंने यह भी कहा था कि आंदोलन बोलपुर स्थित शांतिनिकेतन से शुरू होगा और यह बंगाली भाषा तथा लोगों की गरिमा को बनायें रखने के लियें समर्पित एक आंदोलन होगा |पार्टी ने आज दो बजे लॉज मोड़ से एक रैली की शुरुआत की, यह रैली शांतिनिकेतन रोड से होते हुवे चौरास्ता, श्री निकेतन रोड होते हुवे जमुर्डी बस स्टैंड पर समाप्त होगी, जहां मुख्यमंत्री जनसभा को संबोधित करेंगी | पूरे रास्ते में, सांस्कृतिक समूह बंगाली भाषा और संस्कृति पर कथित हमले के विरोध में विभिन्न चौराहों पर गीत और कविता पाठ प्रस्तुत कि जायेगी |
