सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को लगाने होंगे बंगला मे साइन बोर्ड और होर्डिंग्स :कोलकाता नगर निगम ने जारी किया आदेश
पी एम भारत न्यूज़ ; जो है सच
कोलकाता: नगर निगम ने एक बार फिर से कोलकाता के व्यापारिक और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को बंगाल भाषा साइन बोर्डों को लेकर सुर्खियों ने आई है | कोलकाता नगर निगम ने एक आदेश जारी किया है, रविवार को निगम ने निर्देश देते हुवे कहा कि सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अपने साइन बोर्ड और डिस्प्ले पर बंगला भाषा को प्रमुख स्थान पर शामिल करना होगा |

निगम का कहना है कि यह कदम भाषाई अधिकार और समावेशिता सुनिश्चित करने के लियें उठाया गया है | दरअसल निगम ने इससे पहले भी 30 दिसंबर 2023 को इसी तरह का परिपत्र जारी किया था | लेकिन, हाल ही में 30 अगस्त को जारी किए गए नयें आदेश में साफ कहा गया है कि सभी प्रतिष्ठानों को 30 सितंबर तक आदेश का पालन करना अनिवार्य होगा | इस आदेश में सभी साइन बोर्ड पर बंगला भाषा सबसे ऊपर और प्रमुख आकार में लिखी जानी चाहियें, अन्य भाषाओं में लिखना चाहें तो लिख सकते हैं, लेकिन बंगला को प्राथमिकता देना जरूरी है | नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि यदि व्यापारी और प्रतिष्ठान मालिक नियम का पालन नहीं करते हैं तो उन्हें अनचाही परेशानी झेलनी पड़ेगी |


मेयर फिरहाद हाकिम पहले ही इस मामले पर सख्त रुख अपना चुके हैं | अगस्त की शुरुआत में नगर निगम भवन में आयोजित एक बैठक में उन्होंने कई व्यापारियों और प्रतिष्ठान मालिकों को नोटिस दियें जाने के बावजूद साइन बोर्ड पर बंगला भाषा शामिल न करने पर नाराजगी जताई थी | उन्होंने कहा था कि हमने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि बंगला भाषा में साइन बोर्ड लगाना अनिवार्य है | इसमें अन्य भाषाओं का प्रयोग करने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन बंगला को अनदेखा करना स्वीकार्य नहीं होगा | मेयर ने आगे यह भी कहा कि सिर्फ निजी व्यापारिक प्रतिष्ठान ही नहीं, बल्कि केंद्र सरकार से जुड़े संस्थानों जैसे रेलवे, पोर्ट ट्रस्ट और आयकर विभाग को भी बंगला भाषा में साइनबोर्ड लगाने होंगे | उन्होंने कहा कि इस संबंध में नगर निगम जल्द ही केंद्र सरकार की एजेंसियों को पत्र लिखेगा |
