नेपाल संसद में घुसे Gen-Z प्रदर्शनकारी, पुलिस फायरिंग में 10 की मौत: देर रात तक कर्फ्यू का आदेश
पी एम भारत न्यूज़ :जो है सच
नई दिल्ली: नेपाल सरकार के तरफ से कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर रोक लगायें जाने के बावजूद सोमवार को राजधानी काठमांडू घाटी सहित देश भर के कई शहरों में गुस्सायें युवाओ ने विरोध प्रदर्शन करते हुवे नेपाल की संसद में घुस गयें | इस दौरान पुलिस की गोलीबारी में कम से कम 8 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई है |

पुलिस ने पूरे इलाके में कर्फ्यू लगाया रखा है, नेपाली अखबार रिपब्लिका के मुताबिक, युवा प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लियें पुलिस की ओर से हवाई गोलियां भी चलाई गई और दर्जनों रबर की गोलियों का इस्तेमाल हुवा जिसमें कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई, तीन पत्रकार घायल हो गयें और सैकड़ों अन्य लोग घायल हो गयें |

जानकारी के अनुसार, एक पत्रकार श्याम श्रेष्ठ को भी गोली लगी है, जिसका सिविल हॉस्पिटल में उपचार हो रहा है | वहीं अब हालात बिगड़ते देख सेना ने मोर्चा संभाल लिया है और प्रदर्शनकारियों को हटाना शुरू कर दिया है | उधर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड्स तोड़कर और गेट फांदकर न्यू बानेश्वर स्थित संघीय संसद परिसर में धावा बोल दिया | प्रदर्शनकारियों ने पहले शांति बनायें रखने का संकल्प लिया था, लेकिन पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लियें आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया, इसके बाद हालात बेकाबू हो गई |

दरअसल प्रधानमंत्री केपी ओली की सरकार ने चार सितंबर को फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, वॉट्सऐप, रेडिट और X जैसे 26 सोशल मीडिया ऐप्स पर बैन लगा दिया था | नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने युवाओं के प्रदर्शन पर चेतावनी देते हुवे कहा है कि उन्हें मालूम होना चाहियें कि प्रदर्शन की क्या कीमत चुकानी पड़ती है | नेपाली अखबार द हिमालयन के मुताबिक, नेपाल की सरकार ने कहा है कि सोशल मीडिया पर लगे बैन को तब हटाया जाएगा जब फेसबुक, यूट्यूब सरीखे कंपनियां नेपाल में अपना दफ्तर नहीं खोल लेती हैं | ओली सरकार का कहना है कि सोशल मीडिया सेवायें देने वाली कंपनियां नेपाल में आकर रजिस्ट्रेशन करायें और धांधली और गड़बड़ी को रोकने के लियें एक सिस्टम तैयार करे |

गौरतलब है कि नेपाल में अब तक सिर्फ टिकटॉक, वाइबर, निम्बज, विटक और पोपो लाइव ने ही कंपनी रजिस्ट्रार ऑफिस में रजिस्ट्रेशन कराया है | Gen-Z यानी जेनरेशन Z उन लोगों के लियें इस्तेमाल होता है, जो लगभग 1997 से 2012 के बीच पैदा हुवे हैं, यह पीढ़ी डिजिटल तकनीक, इंटरनेट और सोशल मीडिया के युग में बड़ी हुई है, इसलियें इसे ‘डिजिटल नेटिव्स’ भी कहा जाता है | Gen-Z तकनीकी रूप से ज्यादा दक्ष होते हैं, यानी वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे इंस्टाग्राम, यूट्यूब और टिकटॉक पर ज्यादा सक्रिय रहते हैं, जहां वे मीम्स, ट्रेंडिंग चैलेंज और डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में रुचि दिखाते हैं | इसके अलावा यह पीढ़ी अपने खुले सोच और नई चीजों को अपनाने के जानी जाती है |
