पुर्नवास नीति पर लॉन्च हुआ “कोलआरआर एप्लिकेशन”, पुनर्वास नीति में पारदर्शिता, तेजी का किया गया वादा
Pm Bharat News :जो है सच
आसनसोल, नितुरिया ;18 सितंबर को ECL कर्मियों के लियें महत्वपूर्ण दिन रहा, इस दिन “कोलआरआर एप्लिकेशन” ECL में लॉन्च हुआ, सीएमडी कोऑर्डिनेशन मीटिंग के दौरान यह लॉन्चिंग कार्यक्रम हुआ |
कार्यक्रम की अध्यक्षता कोल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन पीएम प्रसाद ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की, बैठक में इसीएल मुख्यालय से सीएमडी सतीश झा के साथ निदेशक ‘वित्त’ मोहम्मद अंजर आलम, निदेशक ‘मानव संसाधन’ गुंजन कुमार सिन्हा तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी प्रमुख मौजूद रहे | साथ ही कोलकाता स्थित सीआइएल कॉन्फ्रेंस हॉल से ECL के प्रतिनिधित्व निदेशक ‘तकनीकी/पीएंडपी’ गिरीश गोपीनाथन नायर ने किया, उनके साथ जीएम ‘एलआरइ’ पार्थ सखा दे मौजूद थे |

एप्लिकेशन कि व्यख्या……
कोलआरआर एप्लिकेशन की शुरुआत को कोल इंडिया की पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन “आर एंड आर” नीति को आधुनिक, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर माना जा रहा हथा | इस एप्लिकेशन के माध्यम से रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे लाभार्थियों की स्थिति का तत्काल पता लगाया जा सकेगा, आरएंडआर फाइलों की रियल-टाइम निगरानी संभव होगी और लाभार्थियों से जुड़ी प्रक्रियाओं को तेज और सरल बनाया जा सकेगा | इसके साथ ही लंबित मामलों और शिकायतों मे शीघ्र निपटारे का मार्ग भी प्रशस्त होगा |
ECL प्रबंधन का मानना है कि यह एप्लिकेशन तकनीक – आधारित सुशासन और समावेशी विकास की दिशा में कंपनी की प्रतिबद्धता को मजबूत बनाने मे कारगर होगी | इस पहल से न केवल प्रभावित परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा बल्कि परियोजनाओं के संचालन में भी गति मे तेजी आयेगी | कोलआरआर एप्लिकेशन स्थानीय समुदायों और कंपनी के बीच विश्वास की नयी कड़ी जोड़ने का कार्य करेगा और भविष्य में कोयला उद्योग को और अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और विकासोन्मुख बनाने में सहायक सिद्ध होगा |

सीएमडी का नवीकरण कार्य….
दरअसल सीएमडी सतीश झा ने पदभार ग्रहण करने के बाद ही जमीनदाताओं को जल्द नौकरी देने के पक्ष में किया कार्य, इसीएल के सीएमडी सतीश झा के पदभार ग्रहण करने के बाद ही जमीन अधिग्रहण के कार्य की गति में तेजी आयी, जमीन देने के बाद भी वर्षों तक लोग मुआवजा पाने के लियें इसीएल कार्यालयों के चक्कर लगाते थे | जमीन के बदले मुआवजा नहीं मिलने को लेकर नियमित आंदोलन होता रहता था और कोई न कोई जमीनदाता कोयला खदान में कार्य रोक देता | सीएमडी ने इस प्रकिया को आसान बनाया, जांच पड़ताल के बाद जमीन अधिग्रहण करते ही जमीनदाता को आर्थिक पैकेज या नौकरी तुरंत मुहैया कराया जाने लगा | जिससे जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया सुचारू रूप से चलने लगी, अब यह एप्लिकेशन इस प्रक्रिया को और भी मजबूत करेगा | सीएमडी श्री झा ने कहा कि जमीन के बदले जब मुआवजा देना ही है तो विलंब क्यों करना, इससे इसीएल और जमीनदाता दोनों को ही परेशानी का सामना करना पड़ रहा था | 18 सितंबर से यह प्रक्रिया और भी आसान हो गयी |
