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PM का बड़ा सौगात :आजादी के बाद पहली बार…..संघ पर जारी डाक टिकट और सिक्के में ऐसा क्या खास, पीएम मोदी ने बताया

PM का बड़ा सौगात :आजादी के बाद पहली बार…..संघ पर जारी डाक टिकट और सिक्के में ऐसा क्या खास, पीएम मोदी ने बताया

पी एम भारत न्यूज़ ; जो है सच
नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशेष रूप से डिज़ाइन कि गई डाक टिकट और 100 रुपये का स्मारक सिक्का जारी कर दिये | दिल्ली के डॉ. अम्बेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में (RSS) शताब्दी समारोह के दौरान हुआ |

(RSS) जिसकी स्थापना 1925 में नागपुर में केशव बलीराम हेडगवेर द्वारा की गई थी, अपने स्वयंसेवक-आधारित सामाजिक और सेवा कार्यों के लियें जाना जाता है | संगठन ने शिक्षा, स्वास्थ्य, आपदा राहत, और सामाजिक सेवा में कई योगदान दियें हैं, स्मारक टिकट और सिक्का इन्हीं योगदानों का प्रतीक है |

PM मोदी ने कहा कि भारत सरकार ने विशेष डाक टिकट और स्मृति सिक्के जारी कियें हैं | 100 रुपये के सिक्के पर एक तरफ राष्ट्रीय चिह्न है और दूसरी तरफ सिंह के साथ वरद् मुद्रा में भारत माता की भव्य छवि और समर्पण भाव से उसे नमन करते स्वयंसेवक RSS दिखाई दे रहे हैं |

भारतीय मुद्रा पर भारत माता की तस्वीर संभवत स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है |इस सिक्के के ऊपर संघ का बोध वाक्य भी अंकित है-राष्ट्राय स्वाहा, इदं राष्ट्राय इदं न मम |

संघ को मुख्य धारा में आने से रोकने के अनेक प्रयास हुवें पीएम मोदी…
पीएम मोदी ने कहा कि संघ को मुख्य धारा में आने से रोकने का अनगिनत प्रयास हुवें, गुरुजी को झूठे केस में फंसाया गया उन्हें जेल तक भेज दिया गया, लेकिन जब पूज्य गुरुजी बाहर आयें, उन्होंने सहज रूप से कहा, कभी-कभी जीभ दांतों के नीचे आकर दब जाती है, कुचल भी जाती है लेकिन हम दांत नहीं तोड़ देते, क्योंकि दांत भी हमारे हैं और जीभ भी हमारी है

पीएम मोदी ने कहा कि चाहे संघ पर प्रतिबंध लगे चाहे षडयंत्र हुवे संघ के स्वयंसेवकों ने कभी कटुता को स्थान नहीं दिया क्योंकि वो जानते हैं कि हम समाज से अलग नहीं है, समाज हम सबसे ही तो बना है, जो अच्छा है वो भी हमारा है, जो कम अच्छा है वो भी हमारा है, और दूसरी बात जिसने कभी कटुता को जन्म नहीं दिया वो है प्रत्येक स्वयंसेवक को लोकतंत्र और संवैधानिक संस्था में विश्वास, जब देश में आपातकाल थोपी गई तभी इस विश्वास ने स्वयंसेवकों को आगे बढ़ाया, समाज के अनेक थपेड़े झेलते हुवें भी संघ आज तक विराट वट वृक्ष की तरह अडिग खड़ा है | प्रधानमंत्री ने कहा कि आज महानवमी है, आज देवी सिद्धिदात्रि का दिन है , कल विजयादशमी का महापर्व है |

अन्याय पर न्याय की जीत, असत्य पर सत्य की जीत, अंधकार पर प्रकाश की जीत……..
विजयादशमी भारतीय संस्कृति के इस विचार और विश्वास का कालजयी उद्घोष है | ऐसे महान पर्व पर 100 साल पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना कोई संयोग नहीं था, यह हजारों सालों से चली आ रही परंपरा का पुर्नउत्थान था | इस युग में संघ उसी अनादि राष्ट्रचेतना का पुण्य अवतार है |
यह हमारी पीढ़ी के स्वयंसेवकों का सौभाग्य है कि हमें संघ के शताब्दी वर्ष जैसा महान अवसर देखने को मिल रहा है | भारत सरकार ने विशेष डाक टिकट और स्मृति सिक्के जारी कियें हैं | PM मोदी ने कहा कि ऊंच-नीच की भावना हिंदू समाज की बहुत बड़ी चुनौती रही, ये ऐसी गंभीर चिंता है जिसपर संघ बड़ा काम करता रहा है, एक बार महात्मा गांधी ने वर्धा में संघ के शिविर में गयें थे वहां सम भाव की काफी तारीफ की थी, संघ ही हर महान विभूति हर सरसंघचालक ने भेदभाव के खिलाफ लड़ाई लड़ी है, न हिंदू पतितो भवेत.. यानी हर हिंदू एक परिवार है, कोई भी हिंदू पतित नहीं हो सकता है |

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