पश्चिम बंगाल TMC के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी तीन साल बाद जमानत पर रिहा, स्कूल भर्ती घोटाले में हुवें थे गिरफ्तार
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3 साल बाद जेल से रिहा हुवें पश्चिम बंगाल राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी, भाउक हुवे पार्थो, आंखों से छलक उठे आंसू
पश्चिम बंगाल : TMC पश्चिम बंगाल के सुर्खियों मे आने वाले बहुचर्चित टिचर भर्ती घोटाले में गिरफ्तार हुवें थे पार्थो चटर्जी | राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी को आखिरकार जेल से रिहाई मिल ही गई | तीन साल और तीन महीने के बाद मंगलवार को उन्होंने अपने नकतला स्थित आवास ‘विजयकेतन’ में पुनः वापसी | दरअसल पार्थ चटर्जी को 23 जुलाई 2022 को अपने आवास ‘विजयकेतन’ से प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तार किया गया था | 1 अक्टूबर 2024 को सीबीआई (CBI) ने भी उन्हें इस मामले में ‘शॉन अरेस्ट’ कर लिया था | सोमवार को ही अदालत ने उनकी रिहाई का ‘हरी झंडी’ दे दी थी |

मंगलवार को जब वह बाईपास के किनारे स्थित निजी अस्पताल से अपने घर के लियें निकले रहे थे, तो उनकी आँखों में आँसू भर गये | जब पत्रकारों ने सवाल किया, जवाब मे पार्थ ने कुछ भी कहने से इनकार कर दियें | हालांकि, अस्पताल के बाहर अचानक ‘पार्थ दा जिंदाबाद’ के नारे गूंजने लगे, जो कि पार्थ के समर्थकों की मौजूदगी दर्शाते हैं |शिक्षक भर्ती भ्रष्टाचार मामले की जाँच के दौरान, जुलाई 2022 में अचानक सनसनी फैल गई थी | ईडी ने पार्थ चटर्जी की करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी नामक एक मॉडल के दो फ्लैटों से लगभग 50 करोड़ नकद और भारी मात्रा में सोने के आभूषण बरामद कियें थे |

इस गिरफ्तारी के बाद, लगभग डेढ़ साल तक पार्थ चटर्जी के जीवन और संपत्तियों से जुड़े एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे होते रहे, सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में पार्थ चटर्जी को ‘प्रभावशाली’ व्यक्ति करार दिया था | पहले उन्हें ईडी के मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जमानत मिली थी | हाल ही में, उन्हें सीबीआई के मामले में भी जमानत मिल गई | पार्थ चटर्जी फिलहाल सभी संबंधित मामलों में जमानत पर मुक्त हैं | < समाप्त >
