स्कूल जॉब स्केम : ईडी जांच के घेरे में ममता के मंत्री, कौन हैं चंद्रनाथ सिन्हा
पश्चिम बंगाल : पीएम भारत न्यूज़,
पश्चिम बंगाल ममता सरकार के कैबिनेट मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा की मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही हैं | दरअसल पश्चिम बंगाल राज्य के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने शुक्रवार को सिन्हा के खिलाफ कथित स्कूल शिक्षक भर्ती घोटाले के संबंध में मुकदमा चलाने की मंजूरी दी है | इस घोटाले की जांच प्रवर्तन निदेशालय ED कर रही है |

चंदू के नाम से मशहूर सिन्हा 2011 से ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस TMC सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं | वर्तमान में वे सुधार प्रशासन विभाग के कार्य भार संभाल रहे है | इससे पहले, वह पंचायत एवं ग्रामीण विकास, मत्स्य पालन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम और कपड़ा विभाग संभाल रहे थे | बोलपुर के विधायक सिन्हा बीरभूम जिले के एक छोटे से कस्बे से हैं | उनके पिता काम के सिलसिले में उसी जिले के बोलपुर चले गयें थे और सिन्हा वहीं पले-बढ़े, बोलपुर कॉलेज और फिर विश्व भारती विश्वविद्यालय में छात्र जीवन के दौरान, सिन्हा कांग्रेस की छात्र शाखा छात्र परिषद का हिस्सा थे |

सन् 1998 में जब ममता ने कांग्रेस छोड़कर टीएमसी बनाई, तो वे उनकी पार्टी में शामिल हो गयें | तृणमूल कांग्रेस में सिन्हा अनुब्रत मंडल के करीबी रहे हैं, जिन्हें कभी पार्टी की बीरभूम इकाई में अंतिम निर्णय लेने वाला माना जाता था |हालांकि, तृणमूल कांग्रेस में अनुब्रत का कद लगातार गिरता जा रहा है |कथित पशु तस्करी से जुड़े मामलों में उन्हें 2022-23 में सीबीआई और ईडी ने गिरफ्तार किया था | पिछले साल उन्हें ज़मानत पर रिहा किया गया था | इस साल की शुरुआत में जब अनुब्रत द्वारा एक पुलिस अधिकारी के साथ फोन कॉल में कथित तौर पर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का एक ऑडियो क्लिप वायरल हुआ था, तो टीएमसी ने उनकी अपमानजनक भाषा की निंदा की थी और उनसे कुछ ही घंटों के भीतर बिना शर्त माफी मांगने को कहा था |

बताया जाता है कि पिछले कुछ सालों में अनुब्रत के साथ सिन्हा के रिश्ते भी बिगड़ गयें हैं | मंत्री अब टीएमसी नेता काजल शेख के करीबी बतायें जाते हैं, जो बीरभूम में अनुब्रत के जाने-माने विरोधी हैं | शुक्रवार को ईडी ने सिन्हा के बोलपुर स्थित आवासों पर सिलसिलेवार छापेमारी की, सूत्रों ने बताया कि मंत्री, जो उसी ज़िले के मुरारई स्थित अपने पैतृक घर पर थे, इस घटनाक्रम की जानकारी मिलने पर बोलपुर स्थित अपने आवास के लियें रवाना हो गयें | सिन्हा ने तब कहा कि मैंने कुछ भी गलत नहीं किया, जब तक मैं वहां बोलपुर नहीं पहुंचता और उनसे बात नहीं करता, मैं नहीं बता पाऊंगा कि क्या हो रहा है | मैं हर संभव तरीके से उनका सहयोग करूंगा | कथित शिक्षक भर्ती घोटाला 2022 में सामने आया था, ईडी ने आरोप लगाया है कि योग्य और मेधावी उम्मीदवारों को स्कूल शिक्षक के रूप में नियुक्तियों से वंचित कर दिया गया, जबकि अयोग्य और अयोग्य उम्मीदवारों की सिफारिश की गई और पैसे के बदले में उन्हें नियुक्त किया गया | जनवरी 2023 में निलंबित टीएमसी युवा नेता कुंतल घोष के आवास पर छापेमारी के दौरान, ईडी ने ऐसे दस्तावेज जब्त कियें, जिनसे कथित तौर पर अयोग्य उम्मीदवारों की भर्ती में शामिल एजेंटों की पहचान हुई थी | ऐसे ही एक दस्तावेज़ में कथित तौर पर सिन्हा की इस घोटाले में कथित संलिप्तता का संकेत दिया गया था | हालांकि, उन्होंने इन आरोपों से इनकार किया है |
