क्षय मरीजों का किया गया ECL द्वारा चिकित्सा, मरीजों मे जागरूकता साथ ही दि गई मरीजों को मेडिसिन और सलाह
पी एम भारत न्यूज़: जो है सच
खासकाजोरा : खास काजोरा धांगर पारा मे ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड़ (ECL) के तरफ से क्षय से पीड़ित मरीजों का किया गया चिकित्सा |

दरअसल तमाम भारत मे क्षय यानी ट्यूबरकुलोसिस (Tuberculosis) TB बिमारी को मात देने मे सरकार कई नीतिया अपना रहे है और वहीं खास काजोरा मे भी ट्यूबरकुलोसिस को मात देने का काम किया गया है |

खास काजोरा धांगर पारा मे डॉ॰ भीपी पासवान, डॉ॰ पृथा मुखर्जी, डॉ॰ खुमेश बोद्ले, सी एच ओ पम्पा बनर्जी, पारा मेडिकल मदन सिंह, फार्मासिस्ट एस पात्रा और अजीत सिंह चिकित्सकों ने मरीजों कि जांच कर मेडिसिन और सलाह दिये |

आइये जानते है ट्यूबरकुलोसिस (Tuberculosis) टीबी के बारे में मुख्य बातें:
कारण: यह बैक्टीरिया हवा के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है, खासकर जब संक्रमित व्यक्ति खांसता, छींकता या गाता है |

असर: यह फेफड़ों को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है, लेकिन गुर्दे, रीढ़ की हड्डी और मस्तिष्क जैसे अंगों को भी प्रभावित कर सकता है |

प्रकार: इसमें सक्रिय टीबी रोग और सुप्त टीबी संक्रमण (लेटेंट टीबी) शामिल हैं | सुप्त टीबी में व्यक्ति संक्रमित होता है लेकिन बीमार महसूस नहीं करता और संक्रमण को फैलाता नहीं है, जबकि सक्रिय टीबी में लक्षण दिखते हैं और यह दूसरों में फैल सकता है |

इलाज: एंटीबायोटिक्स टीबी का इलाज कर सकते हैं, लेकिन कुछ रूपों के प्रति बैक्टीरिया अच्छी प्रतिक्रिया नहीं देते |
जोखिम: एचआईवी/एड्स से पीड़ित लोग और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले अन्य लोगों में सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों की तुलना में तपेदिक होने का जोखिम ज़्यादा होता है |
